गोरखपुर| चिलुआताल थाना क्षेत्र के तेनुअहिया गांव निवासी अरुण निषाद (22) की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी विशाल सिंह को उसके एक साथी के साथ बुधवार को चिलुआताल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने सिर मुंडवा कर हुलिया बदल लिया था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस, तीन बाइक और एक लग्जरी कार बरामद की है। दोपहर बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। चिलुआताल इलाके के तेनुअहिया गांव निवासी अरुण निषाद की बीते रविवार की शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मामले में तीन बाल अपचारियों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें तीन बाल अपचारियों को मंगलवार को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया। वहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया। फर्टिलाइजर निवासी देवेंद्र और बिट्टू निषाद को जेल भेज दिया गया। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बुधवार को चिलुआताल इलाके के हमीदपुर निवासी विशाल सिंह और करीमनगर के सोनू यादव उर्फ बल्ले यादव को गिरफ्तार कर लिया।  पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद विशाल सिंह और सोनू यादव ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सिर मुंडवा लिए थे। विशाल सिंह की बहन की 20 फरवरी को शादी है और शादी के कार्ड में उसका नाम भी छपा है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उन्होंने हुलिया बदला था।

रविवार शाम मैदान में जुटे थे सभी दोस्त

एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि 15 फरवरी की शाम अरुण अपने छह दोस्तों के साथ घर के बगल स्थित मैदान में गया था। वहां विशाल एक पिस्टल लेकर पहुंचा। सभी युवक पिस्टल की टेस्टिंग कर रहे थे, तभी अचानक विशाल से गोली चल गई। गोली अरुण के सीने में लगी और वह मौके पर ही गिर पड़ा। घटना के बाद विशाल समेत सभी छह आरोपी बाइक से भाग निकले। इसके बाद दोनों कार में सवार होकर शहर से बाहर चले गए थे। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पहचान के बाद पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुट गई। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर मुख्य आरोपी और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया।

यह है मामला

चिलुआताल के तेनुअहिया गांव निवासी अरुण निषाद की रविवार की शाम को करीब चार बजे खेल के मैदान में गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में अरुण के पिता ने करीमनगर निवासी विशाल और देवेन्द्र को नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपियों की तलाश शुरू की तो नामजद आरोपी फर्टिलाइजर निवासी देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद एक अन्य आरोपित बिट्टू निषाद समेत तीन को पकड़ लिया। इनमें दो नाबालिग बताए जा रहे हैं। उनसे पूछताछ में यह पूरा मामला दूसरे एंगल की तरफ ही मुड़ने लगा। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि विशाल अपने साथ कहीं से अवैध पिस्टल खरीद कर ले आया था। अरुण और अन्य को पिस्टल दिखा रहा था। इस दौरान गोली चली और अरुण के पेट में गोली लगने से उसकी मौत हो गई।

सीसीटीवी फुटेज में घेरा बनाकर खड़े थे अरुण व उसके साथी

सीसीटीवी फुटेज में दो बाइक से चार लोग जाते दिख रहे हैं। इसमें विशाल और अरुण भी शामिल हैं। वहीं खेल के मैदान में एक घेरा बनाकर अरुण और छह आरोपी कुछ देख रहे हैं। इस बीच गोली चलती है और अरुण मैदान में गिर जाता है। उसके साथी एक-एक कर भागने लगते हैं। इस बीच गोली की आवाज सुनकर और अरुण को जमीन पर गिरा देखकर कुछ महिलाएं ईंट-पत्थर लेकर दौड़ाती हैं लेकिन आरोपी बाइक से फर्राटा भरते हुए निकल जाते हैं।

पेंट पालिश का काम करता था अरुण

चिलुआताल क्षेत्र के तेनुअहिया निवासी भोला निषाद का बेटा अरुण पेंट पालिश का काम करता था। पिता भोला निषाद ने चिलुआताल थाने में दी गई तहरीर में बताया कि रविवार की शाम करीब चार बजे विशाल नामक युवक उनके घर आया और बेटे अरुण निषाद को बुलाकर ले गया। अरुण निषाद दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई तरुण है, अरुण पेंट पालिश का काम करता था। हत्या के बाद परिवार में कोहराम मच गया। अरुण की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।