खतरनाक स्तर पर पहुंचा पानी, स्थानीय निवासी बीमारियों से जूझ रहे
दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर और हर्ष विहार इलाकों में इन दिनों पेयजल का संकट गहराता जा रहा है, क्योंकि नलों से निकलने वाला पानी अत्यधिक दूषित और दुर्गंधयुक्त है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जल आपूर्ति की गुणवत्ता इतनी खराब हो चुकी है कि पानी को किसी भी घरेलू कार्य में इस्तेमाल करना लगभग असंभव हो गया है। इस विकट स्थिति के कारण लोगों में जल बोर्ड के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है और वे जल्द से जल्द शुद्ध पेयजल की बहाली की मांग कर रहे हैं।
दूषित जलापूर्ति से जनजीवन अस्त-व्यस्त
यमुनापार की इन घनी आबादी वाली बस्तियों में पिछले कुछ समय से नलों से काला और बदबूदार पानी आ रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पांडव नगर और हर्ष विहार के निवासियों का दावा है कि पानी की स्थिति इतनी दयनीय है कि उससे उठने वाली तीखी गंध पूरे घर में फैल जाती है और उसे पीने के बारे में सोचना तो दूर, हाथ धोना भी दूषित जल के कारण मुश्किल हो गया है।
बीमारियों का बढ़ता खतरा और स्थानीय निवासियों का आक्रोश
लगातार हो रही इस गंदे पानी की सप्लाई ने स्थानीय लोगों के बीच स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं को जन्म दे दिया है क्योंकि दूषित जल के सेवन से जलजनित रोगों के फैलने का डर बना हुआ है। क्षेत्रीय नागरिकों ने अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए बताया है कि बार-बार प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचने के बावजूद अब तक समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है जिससे जनता में गहरा असंतोष है।
प्रशासन की अनदेखी और शुद्ध जल की पुकार
इलाके के लोग अब मजबूरन महंगे दामों पर निजी टैंकरों और बोतलबंद पानी पर निर्भर होने को विवश हैं क्योंकि सरकारी नलों से आने वाला पानी पूरी तरह अनुपयोगी साबित हो रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही पाइपलाइनों की मरम्मत या जल शोधन की प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे क्योंकि शुद्ध पानी मिलना उनका बुनियादी अधिकार है।
