घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, हालत नाजुक बताई जा रही
जांजगीर-चांपा: कांग्रेस नेता के घर में खूनी तांडव, बड़े बेटे की हत्या और छोटा भाई घायल; रेत विवाद या रंजिश की आशंका
जांजगीर-चांपा| करही गांव में रहने वाले पूर्व ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष और सीमेंट-रेत व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप के घर पर देर रात करीब 12:30 बजे मौत का तांडव हुआ। तीन हथियारबंद हमलावरों ने घर की दीवार फांदकर भीतर प्रवेश किया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
वारदात का खौफनाक मंजर
मृतक की बहन प्रेरणा कश्यप के अनुसार, हमलावर नकाब पहने हुए थे और उनके इरादे बेहद खतरनाक थे।
-
निशाना: हमलावरों ने सबसे पहले बड़े भाई आयुष को निशाना बनाया। उसे दो गोलियां लगीं, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
-
दूसरा हमला: फायरिंग के दौरान छोटे भाई आशुतोष कश्यप को भी गोली लगी। उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
रेत कारोबार और रेकी के सुराग
घटना के पीछे व्यावसायिक रंजिश की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
-
व्यवसाय में सक्रियता: सम्मेलाल कश्यप ने बताया कि आयुष पिछले कुछ समय से रेत के कारोबार में काफी सक्रिय हो गया था, जिससे संभवतः कुछ लोग नाखुश थे।
-
संदिग्धों की मौजूदगी: मृतक की बहन ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया कि करीब एक सप्ताह पहले कुछ अज्ञात युवक गांव आए थे और आयुष के बारे में पूछताछ कर रहे थे। इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि आरोपियों ने हमले से पहले घर की रेकी की थी।
पुलिस की कार्रवाई और फोरेंसिक जांच
सूचना मिलते ही प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
-
साक्ष्य जुटाना: साइबर सेल और फॉरेंसिक (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल से कारतूस के खोखे और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।
-
CCTV सर्विलांस: पुलिस गांव और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
चक्काजाम और जनाक्रोश
आयुष का शव पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही गांव पहुँचा, परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
-
प्रदर्शन: जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप और जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू सहित कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने बिर्रा चौक के मुख्य मार्ग पर आधे घंटे तक चक्काजाम कर दिया।
-
मांग: प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर जाम खोला गया।
