यात्रियों को राहत, स्पेशल ट्रेनों को मिला नियमित संचालन का दर्जा
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे से सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर है। जबलपुर-पुणे और जबलपुर-बांद्रा टर्मिनस स्पेशल ट्रेनों को नियमित (रेगुलर) करने के बाद, रेलवे प्रशासन ने दो और महत्वपूर्ण स्पेशल ट्रेनों को स्थायी रूप से चलाने का बड़ा फैसला लिया है। अब जबलपुर-कोयम्बटूर और रानी कमलापति-अगरतला (व्हाया जबलपुर) स्पेशल ट्रेनों को भी नियमित ट्रेन का दर्जा दे दिया गया है। इसके लिए रेलवे बोर्ड से आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है और बहुत जल्द ही इन ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
बदल जाएंगे ट्रेनों के नंबर, 'जीरो टैग' हटने से जेब पर कम होगा बोझ
ट्रेनों के रेगुलर होने के बाद सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को किराए में मिलेगा। अब तक स्पेशल ट्रेन के रूप में चलने के कारण इन पर 'जीरो टैग' लगा हुआ था, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त (स्पेशल) किराया देना पड़ता था। नियमित होते ही इन दोनों ट्रेनों के नंबर बदल जाएंगे:
-
रानी कमलापति-अगरतला: यह ट्रेन अब स्पेशल नंबर 01665/01666 की जगह अपने नए रेगुलर नंबर 11665 एवं 11666 से चलेगी।
-
जबलपुर-कोयंबटूर: इस ट्रेन को स्पेशल नंबर 02198/02197 के बजाय अब नए रेगुलर नंबर 20160 एवं 20159 के साथ ट्रैक पर उतारा जाएगा।
स्पेशल ट्रेनों के अतिरिक्त किराए और अनिश्चितता से मिलेगी मुक्ति
दरअसल, लंबे समय से यात्री संगठन और स्थानीय जनप्रतिनिधि इन महत्वपूर्ण रूटों पर चल रही स्पेशल ट्रेनों को परमानेंट करने की मांग उठा रहे थे। स्पेशल ट्रेनों में न सिर्फ किराया सामान्य से काफी अधिक होता है, बल्कि इनकी समय-सारणी (टाइम टेबल) और सीटों की उपलब्धता को लेकर भी हमेशा अनिश्चितता बनी रहती थी। पश्चिम मध्य रेलवे ने इस रूट पर यात्रियों के भारी दबाव और लगातार आ रही मांग को देखते हुए इनके नियमितीकरण की प्रक्रिया को तेज किया, जिससे अब यात्रियों को सामान्य किराए में सफर करने का मौका मिलेगा।
बेहतर समय-पालन और आरक्षण की मिलेगी पक्की सुविधा
इन दोनों प्रमुख ट्रेनों को रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद अब यात्रियों को कई तरह की सहूलियतें एक साथ मिलेंगी। रेगुलर ट्रेन का दर्जा मिलने से इन ट्रेनों का समय-पालन (पंक्चुअलिटी) बेहतर होगा और यात्रियों को पहले से तय समय-सारणी के अनुसार यात्रा प्लान करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, अग्रिम आरक्षण (एडवांस रिजर्वेशन) की व्यवस्था भी सुचारू हो जाएगी, जिससे ऐन वक्त पर टिकट न मिलने की मार झेल रहे रेल उपभोक्ताओं को एक बड़ा सहारा मिलेगा।
