इलाज के दौरान किसान की थमी सांसें, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए गंभीर आरोप
भोपाल: सागर जिले की खुरई तहसील के गंगऊआ गांव निवासी 46 वर्षीय किसान ब्रह्मानंद सिंह ठाकुर को आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज का भरोसा देकर भोपाल के कोलार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परिजनों का कहना है कि ब्रह्मानंद किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं थे, केवल पूर्व में हुए एक हादसे के बाद पैर में रॉड डली हुई थी. गांव में सक्रिय कुछ लोगों ने उन्हें बेहतर इलाज का झांसा देकर शहर के अस्पताल पहुंचाया.
ब्लड चढ़ाने के दौरान बिगड़ी तबीयत और मौत
अस्पताल में डॉक्टरों ने पैर की हड्डी में गैप बताकर दोबारा ऑपरेशन की सलाह दी और खून की कमी बताकर ब्लड चढ़ाना शुरू किया. परिजनों का आरोप है कि पहली यूनिट के बाद जैसे ही दूसरी यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, मरीज की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत खून चढ़ाने और गंभीर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है.
गांव-गांव फैला दलालों का नेटवर्क और कमीशन का खेल
घटना के बाद परिजनों ने आयुष्मान योजना के नाम पर चल रहे दलाली के बड़े खेल का खुलासा किया. उनका दावा है कि निजी अस्पतालों से जुड़े दलाल ग्रामीण इलाकों में घूम-घूमकर मरीजों को मुफ्त इलाज का लालच देते हैं और अस्पतालों में भर्ती कराने पर मोटा कमीशन वसूलते हैं. पीड़ित परिवार ने बाबू भाई खान और डॉ. सुरेंद्र यादव नामक दो व्यक्तियों पर झांसा देकर भोपाल लाने और गुमराह करने का आरोप लगाया है.
पुलिस ने शुरू की जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई
घटना से आक्रोशित परिजन शव लेकर खुरई सिविल अस्पताल पहुंचे और दोषी अस्पताल प्रबंधन व दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. खुरई शहरी पुलिस ने मामले में पंचनामा तैयार कर शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों को सौंप दिया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और परिजनों के बयानों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
