नई दिल्ली। प्रधानमंत्री की ईंधन संरक्षण की अपील का असर अब दिल्ली सरकार के कामकाज पर दिखने लगा है। राजधानी में शुरू किए गए 'मेरा देश, मेरा योगदान' अभियान के तहत दिल्ली सरकार आज अपना पहला 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित सरकार के अधिकांश मंत्री आज अपने आवास से ही सरकारी कामकाज निपटा रहे हैं।

मंत्रियों और जरूरी बैठकों के लिए विशेष गाइडलाइंस

मुख्यमंत्री और मंत्रियों की सभी महत्वपूर्ण बैठकें आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल माध्यम) से आयोजित की जा रही हैं। हालांकि, जिन मंत्रियों का सचिवालय आना बेहद जरूरी है या जिनका पहले से कोई कार्यक्रम तय है, उन्हें छूट दी गई है। बाकी सभी मंत्री घर से ही सक्रिय हैं। खुद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज घर से ही कई अहम वर्चुअल बैठकों की अध्यक्षता कर रही हैं।

हफ्ते में दो दिन घर से काम करने की योजना

इस विशेष अभियान के तहत दिल्ली सरकार ने सप्ताह में दो दिन 'वर्क फ्रॉम होम' करने का फैसला किया है। इसी कड़ी में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। कई सरकारी विभागों ने हफ्ते का दूसरा 'वर्क फ्रॉम होम' शनिवार को रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे जहां तक संभव हो, घर से ही काम को प्राथमिकता दें।

आपातकालीन और जरूरी सेवाओं को मिली छूट

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी विभागों पर जबरन लागू नहीं है। आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े विभागों को इस दायरे से बाहर रखा गया है। अस्पताल, दमकल विभाग, बिजली-पानी की सप्लाई और पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी जरूरी सेवाओं में लगे कर्मचारियों पर हफ्ते में दो दिन घर से काम करने का यह नियम लागू नहीं होगा, ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।