DDCA टिकट घोटाला: ब्लैक मार्केटिंग में नया खुलासा
नई दिल्ली। आईपीएल मैचों के टिकटों और मानद पास की अवैध बिक्री के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा ने एक और सफलता प्राप्त की है, जिसके तहत पंकज यादव नामक व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लिया गया है। पकड़ा गया यह आरोपित पिछले एक दशक से भी अधिक समय से क्रिकेट स्टेडियम के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप पर सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था और वहीं से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।
आईपीएल टिकटों के काले खेल में एक और गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आईपीएल टिकटों की कालाबाजारी से जुड़े गिरोह की कड़ियों को जोड़ते हुए पंकज यादव को धर दबोचा है, जो इस अवैध कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि इस आरोपित से पूछताछ के दौरान टिकटों और वीआईपी पास की धांधली में शामिल अन्य बड़े चेहरों और इस पूरे नेटवर्क के काम करने के तरीके के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
पेट्रोल पंप सुपरवाइजर की संदिग्ध भूमिका का खुलासा
गिरफ्तार आरोपित पंकज यादव की पृष्ठभूमि खंगालने पर पता चला है कि वह पिछले बारह वर्षों से स्टेडियम के बिलकुल पास स्थित एक फ्यूल स्टेशन पर सुपरवाइजर के रूप में तैनात था, जिससे उसे खेल प्रेमियों और पास के लिए आने वाले लोगों से संपर्क साधना बेहद आसान हो गया था। पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि पद का लाभ उठाकर उसने अब तक कितने लोगों को ऊंचे दामों पर टिकट बेचे हैं और इस खेल में उसके साथ और कौन से स्थानीय कर्मचारी मिले हुए हैं।
अपराध शाखा की सघन जांच और आगामी कार्रवाई
क्राइम ब्रांच की टीम इस पूरे मामले को लेकर अत्यंत सक्रिय है और पंकज यादव से मिली जानकारी के आधार पर अब उन लोगों की पहचान की जा रही है जो पर्दे के पीछे से टिकटों की हेराफेरी को अंजाम दे रहे थे। यह गिरफ्तारी दर्शाती है कि आईपीएल जैसे बड़े आयोजनों के दौरान सक्रिय कालाबाजारी करने वाले गिरोह ने जड़ें काफी गहरी जमा रखी हैं, जिन्हें उखाड़ने के लिए पुलिस अब तकनीक और मुखबिरों के जाल का सहारा ले रही है।
